Last Updated on March 27, 2026 6:00 pm by INDIAN AWAAZ

BIZ DESK
– वैश्विक अनिश्चितताओं और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो दिनों की बढ़त को गंवाते हुए, BSE सेंसेक्स 1,690.23 अंक (2.25%) गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 इंडेक्स 488.85 अंक (2.09%) की भारी गिरावट के साथ 22,819.60 के स्तर पर आ गया।
बाजार में इस ‘ब्लैक फ्राइडे’ का मुख्य कारण अमेरिका-इरान संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (110 डॉलर के पार) और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली को माना जा रहा है। बाजार की घबराहट को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ (VIX) भी करीब 9% उछलकर 26.80 पर पहुंच गया।
सेक्टोरल अपडेट: चौतरफा बिकवाली की मार
NSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। रियल्टी, ऑटो और सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
| सेक्टर | स्थिति | मुख्य कारण |
| PSU बैंक | सबसे ज्यादा गिरावट | बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की निकासी का असर। |
| ऑटोमोबाइल | भारी नुकसान | टाटा मोटर्स में 4.68% की गिरावट रही, क्योंकि JLR के ब्रिटेन प्लांट में उत्पादन रुकने की खबर आई। |
| रियल्टी | मंदी का रुख | बढ़ती ब्याज दरों और वैश्विक मंदी की आशंका से निवेशक पीछे हटे। |
| ऊर्जा (Energy) | इंडेक्स पर दबाव | कच्चे तेल की कीमतों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (-4.55%) जैसे दिग्गजों को नीचे धकेला। |
रुपया और कमोडिटी: रिकॉर्ड निचले स्तर पर करेंसी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान यह 94.85 के स्तर को छू गया और अंत में 94.75 पर बंद हुआ।
सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान के कारण सोने की कीमतों में उछाल देखा गया:
- MCX गोल्ड: 1.64% बढ़कर Rs 141,813 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
- ब्रेंट क्रूड: 1.99% की तेजी के साथ 110.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
सुर्खियों में रहे शेयर
- हिल्टन मेटल फोर्जिंग: 720 करोड़ रुपये के रक्षा ऑर्डर मिलने की खबर से शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा।
- L&T: 2.27% की गिरावट रही, हालांकि कंपनी को 2,500 करोड़ रुपये तक के नए ऑर्डर मिले हैं।
- सुला वाइनयार्ड्स: कंपनी द्वारा नासिक में शैंडन (Chandon) की वाइनरी खरीदने के समझौते के बावजूद शेयर 2.56% टूट गया।
वैश्विक संकट: 6 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी नजरें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की समयसीमा को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। इस 10 दिनों की मोहलत ने बाजार को कुछ राहत तो दी, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बरकरार है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर विरोधाभासी बयानों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
विशेषज्ञों की राय: “जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता और रुपये में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।”
अस्वीकरण (Disclaimer): इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया एक प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। उल्लेखित डेटा 27 मार्च, 2026 के बाजार बंद होने के आंकड़ों पर आधारित है।
