Last Updated on March 25, 2026 9:35 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 ने पिछले सत्र की तेजी को आगे बढ़ाते हुए मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,205 अंक या 1.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,273.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 394 अंक यानी 1.72 प्रतिशत चढ़कर 23,306.45 पर पहुंच गया। इस बढ़त के साथ निफ्टी ने फिर से 23,000 का महत्वपूर्ण स्तर मजबूती से पार कर लिया।
दिन के दौरान बाजार में और भी मजबूत तेजी देखी गई। सेंसेक्स एक समय 75,849.76 के उच्च स्तर तक पहुंच गया, जो करीब 1,781 अंकों की बढ़त को दर्शाता है। वहीं निफ्टी 50 ने भी 23,465.35 का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजार में उल्लेखनीय तेजी आई है। इस दौरान सेंसेक्स 2,500 से अधिक अंक चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी में लगभग 800 अंकों की बढ़त दर्ज की गई है। दोनों सूचकांकों में यह लगभग 3.5 प्रतिशत की तेजी के बराबर है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
बाजार की तेजी व्यापक रही और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर सबसे बड़े लाभार्थी रहे, जिनमें 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। मांग से जुड़े इन क्षेत्रों में निवेशकों ने जोरदार खरीदारी की।
ऑटो सेक्टर में भी अच्छी तेजी रही। विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वाहन निर्माण लागत कम हो सकती है, जिससे इस क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मेटल कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती देखी गई, जबकि केमिकल सेक्टर के शेयरों में भी तेजी रही क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें कम होने से उत्पादन लागत घटने की संभावना बढ़ती है।
वृहद बाजार ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में लगभग 2.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि Nifty Smallcap 100 करीब 2.7 प्रतिशत चढ़ा।
निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा
बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ। BSE में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर ₹431.74 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले सत्र में ₹422.23 लाख करोड़ था।
इस तरह एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹9.5 लाख करोड़ का इजाफा हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में कुल बाजार पूंजीकरण में ₹17 लाख करोड़ से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद:
बाजार में सकारात्मक माहौल उस समय बना जब United States और Iran के बीच तनाव कम होने की संभावना की खबरें सामने आईं। Donald Trump ने संकेत दिया कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव तेहरान को भेजा गया है। हालांकि ईरान ने प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Strait of Hormuz क्षेत्र में तनाव कम होता है तो ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिम घट सकते हैं, जो भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए सकारात्मक है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude लगभग 3.8 प्रतिशत गिरकर करीब 100.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि West Texas Intermediate करीब 3.4 प्रतिशत गिरकर लगभग 89.2 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
तेल की कीमतों में गिरावट से भारत की आयात लागत कम होती है, जिससे महंगाई दबाव घटने और कई उद्योगों की लागत कम होने की संभावना रहती है।
वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत:
एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। जापान का Nikkei 225 लगभग 2.8 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 1.6 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग का Hang Seng Index भी सकारात्मक दायरे में कारोबार करता रहा।
तकनीकी दृष्टिकोण
विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी का 23,000 स्तर के ऊपर टिकना बाजार की मजबूती का संकेत है। निकट भविष्य में 23,300 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि यह स्तर मजबूती से पार होता है तो सूचकांक 23,600 के आसपास तक बढ़ सकता है।
नीचे की ओर 23,050–23,000 का स्तर तत्काल समर्थन माना जा रहा है, जबकि मजबूत समर्थन 22,700–22,600 के दायरे में देखा जा रहा है।
हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX अभी भी करीब 24.7 के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जो बताता है कि बाजार में अस्थिरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
इस रिपोर्ट में व्यक्त विचार और विश्लेषण विभिन्न ब्रोकरेज और बाजार विशेषज्ञों की राय पर आधारित हैं। यह जरूरी नहीं कि वे इस प्रकाशन के आधिकारिक विचार हों। निवेश से पहले पाठकों को अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।
