Last Updated on March 23, 2026 11:23 pm by INDIAN AWAAZ

AMN बिज़ डेस्क:
मध्य पूर्व में जारी युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाते हुए बड़े पैमाने पर बिकवाली की।
30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 1,836.57 अंक या 2.46 प्रतिशत गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1,974 अंक तक टूटकर 72,558.44 तक पहुंच गया था।
वहीं 50 शेयरों वाला NSE Nifty 50 भी 601.85 अंक या 2.60 प्रतिशत गिरकर 22,512.65 पर बंद हुआ।
तेल की कीमतें और युद्ध बना बड़ा कारण
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में गिरावट की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। वैश्विक बेंचमार्क Brent crude करीब 0.97 प्रतिशत बढ़कर 113.3 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डालता है और इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी रहता है।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
बाजार पर दबाव बढ़ने के साथ भारतीय मुद्रा भी कमजोर हुई। Indian Rupee 50 पैसे गिरकर 94.03 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। यह पहली बार है जब रुपया 94 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गया है।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स की कंपनियों में Titan Company में सबसे अधिक 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Trent, UltraTech Cement, Bharat Electronics, InterGlobe Aviation, Tata Steel और HDFC Bank भी प्रमुख नुकसान में रहे।
हालांकि Infosys, HCLTech, Power Grid Corporation of India और Tech Mahindra जैसे कुछ आईटी शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
आगे भी रह सकती है अस्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आने वाले दिनों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
