Last Updated on March 13, 2026 9:47 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK

भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 13 मार्च 2026 का दिन बेहद निराशाजनक रहा। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के कारण घरेलू निवेशकों में डर का माहौल दिखा, जिससे बाजार लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ।

बीएसई (BSE) सेंसेक्स आज 1,470.50 अंक (1.93%) की भारी गिरावट के साथ 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई (NSE) निफ्टी भी 488.05 अंक (2.06%) फिसलकर 23,151.10 पर आ गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में निवेशकों ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा गंवाया है, क्योंकि इस दौरान सेंसेक्स करीब 4.65% तक टूट चुका है।


बाजार की गिरावट के मुख्य कारण

  1. तेल की कीमतों में आग: ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के चलते ब्रेंट क्रूड $100.7 प्रति बैरल के पार निकल गया है। यह अगस्त 2022 के बाद पहली बार है जब तेल ने इस मनोवैज्ञानिक स्तर को पार किया है।
  2. रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 20 पैसे टूटकर 92.45 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों (FIIs) की चिंता बढ़ गई।
  3. वैश्विक मंदी के संकेत: अमेरिकी बाजारों (Dow Jones और Nasdaq) के 2026 के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने और एशियाई बाजारों में बिकवाली ने भारतीय बाजार पर दबाव बनाया।

क्षेत्रवार (Sector-wise) स्थिति

सेक्टरप्रभावप्रमुख जानकारी
बैंकिंग और फाइनेंसभारी गिरावटSBI में 3.61% और HDFC Bank में 1.93% की गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी अपने शिखर से करीब 13% नीचे आ चुका है।
इंफ्रास्ट्रक्चरसबसे बुरा प्रदर्शनLarsen & Toubro (L&T) आज का सबसे बड़ा लूजर रहा, जिसके शेयर 7.38% तक टूट गए।
मिडकैप और स्मॉलकैपगहरी मारछोटे और मंझोले शेयरों में बड़े इंडेक्स से भी ज्यादा बिकवाली रही। स्मॉलकैप इंडेक्स 2.67% नीचे गिरा।
FMCG और टेलीकॉमसुरक्षितबाजार की इस आंधी में केवल Hindustan Unilever (HUL) और Bharti Airtel जैसे शेयर बढ़त बनाने में सफल रहे।
केमिकल और फार्मानकारात्मककच्चे माल की कमी और निर्यात में गिरावट की वजह से Laurus Labs (-4.19%) और Balaji Amines (-3.01%) में गिरावट रही।

प्रमुख कंपनियों के उतार-चढ़ाव

  • मुनाफे वाले शेयर: खराब बाजार में भी ACME Solar Holdings (6.43%) और IFCI (5.83%) ने शानदार प्रदर्शन किया। रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर को महाराष्ट्र में बड़ा प्रोजेक्ट मिलने से इसके शेयर 4.85% चढ़े।
  • घाटे वाले शेयर: L&T के अलावा, जेएनके इंडिया और क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज के शेयरों में 3% से 4% की गिरावट देखी गई।

मार्केट आउटलुक: विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। निफ्टी अब अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर से 12.22% नीचे आ चुका है।


रुपये और वोलैटिलिटी

भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बना रहा। रुपया 20 पैसे गिरकर 92.45 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।

बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX 5.23 प्रतिशत बढ़कर 22.65 पर पहुंच गया।


कमोडिटी और बॉन्ड बाजार

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स गोल्ड वायदा लगभग 0.54 प्रतिशत गिरकर 59,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

भारत के 10 वर्ष के सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 6.682 प्रतिशत हो गई, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।


आगे का रुख

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी बाजारों की अनिश्चितता के कारण आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

रक्षात्मक क्षेत्रों जैसे एफएमसीजी और टेलीकॉम में निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है, जबकि बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मिडकैप शेयरों में दबाव बना रह सकता है।

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