Last Updated on February 5, 2026 12:37 am by INDIAN AWAAZ

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज स्पष्ट किया कि भारत-अमरीका व्यापार समझौते में सरकार ने उर्वरक और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री गोयल ने राज्यसभा में कहा कि यह समझौता लघु और मध्यम व्यापारियों, एम.एस.एम.ई. उद्यमों, कुशल श्रमिकों और उद्योग जगत को नए अवसर देगा।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि इस समझौते से विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेगें तथा आर्थिक विकास को गति मिलेगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री गोयल ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार के नए द्वार भी खुलेंगे।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री गोयल ने कहा कि दोनो देश व्यापार समझौते से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे ताकि जल्द से जल्द इसका पूर्ण लाभ उठाया जा सके। उन्होंने बताया कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के तुरंत बाद समझौते का विवरण घोषित किया जाएगा।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक मंच से कहा है कि 140 करोड़ देशवासियों की ऊर्जा आवश्यकताओं की रक्षा मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमरीका को होने वाले भारतीय निर्यात पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह कई प्रतिस्पर्धी देशों पर अमरीका द्वारा लगाए गए शुल्क से कम है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कदम से अमरीकी बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
