Last Updated on March 29, 2026 10:45 pm by INDIAN AWAAZ

AMN/ WEB DESK

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि न्याय सभी के लिए सुलभ होना और उस पर होने वाला व्‍यय वहन करने योग्‍य होना चाहिए । उन्होंने यह बात  नई दिल्ली में विधि और न्याय मंत्रालय द्वारा दिशा योजना के अंतर्गत आयोजित टेली-लॉ कार्यक्रम गतिविधियों पर राष्ट्रीय परामर्श को संबोधित करते हुए कही। उपराष्ट्रपति ने कहा कि न्याय की समयबद्ध प्राप्ति प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय सुरक्षा अधिनियम की नई संहिता में परिवर्तन नागरिक-केंद्रित न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज प्रौद्योगिकी लंबे समय से चली आ रही सेवा संबंधी कमियों को दूर करने का एक शक्तिशाली माध्यम बन गई है। उन्‍होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि एक दशक से अधिक समय पहले, धन की हेराफेरी और बिचौलियों के कमीशन के मामले आम बात थे, लेकिन अब प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण यह सुनिश्चित करते हैं कि वित्तीय सहायता पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक सीधे पहुंचे।