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इंडियन आवाज़     20 Oct 2018 03:02:17      انڈین آواز
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BJP ने महाभियोग का प्रस्‍ताव लाने के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की

CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, कांग्रेस समेत 7 दलों ने वेंकैया नायडू से की मुलाकात

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AMN /नई दिल्ली

वित्तमंत्री और भाजपा के वरिष्‍ठ नेता अरुण जेटली ने आज कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां महाभियोग प्रस्ताव का उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही हैं। कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों द्वारा प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को सौंपे गए महाभियोग प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री जेटली ने कहा कि न्यायाधीश लोया मौत मामले में कांग्रेस का झूठ साबित हो जाने के बाद पार्टी बदले की कार्रवाई के रूप में इस प्रस्‍ताव को ला रही है।

पार्टी प्रवक्‍ता तथा सांसद मीनाक्षी लेखी ने आज दिल्‍ली में बताया कि कांग्रेस न्‍यायपालिका का राजनीतिकरण कर रही है। श्रीमती लेखी ने विपक्ष द्वारा प्रधान न्‍यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्‍ताव लाने के फैसले को दु:खद बताया।

कांग्रेस पार्टी का जो शीर्ष नेतृत्‍व है और कुछ दल जोकि भारतीय जनता पार्टी के विपक्ष में खडे हैं न्‍याय प्रक्रिया की सारी मर्यादाओं का उल्‍लंघन करके, अपेक्षाओं को ताक पर रख कर न्‍यायपालिका की गरिमा के खिलाफ काम कर रहे हैं।

इस बीच, उच्‍चतम न्‍यायालय ने न्‍यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग लगाने के बारे में सांसदों के सार्वजनिक बयानों को बहुत ही दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया है। न्‍यायमूर्ति ए के सिकरी और न्‍यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने मुद्दा उठाया कि राजनीतिक दलों के नेता न्‍यायाधीशों पर महाभियोग लगाये जाने के बारे में सार्वजनिक बयान दे रहे हैं। शीर्ष न्‍यायालय ने अगली सुनवाई सात मई तय की है।

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CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, कांग्रेस समेत 7 दलों ने वेंकैया नायडू से की मुलाकात

कांग्रेस और कुछ अन्‍य पार्टियों के नेता आज उपराष्‍ट्रपति और राज्‍यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडु से मिले और प्रधान न्‍यायाधीश पर महाभियोग की कार्रवाई करने का नोटिस दिया। नई‍ दिल्‍ली में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि राज्‍यसभा में सात राजनीतिक दलों ने नोटिस पर हस्‍ताक्षर किये हैं। उन्‍होंने कहा कि विभिन्‍न राजनीतिक दलों के सात पूर्व सांसदों सहित 71 सांसदों ने प्रधान न्‍यायाधीश के‍ खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई के लिए नोटिस पर हस्‍ताक्षर किये। श्री आजाद ने कहा कि राज्‍यसभा में महाभियोग प्रस्‍ताव लाने के लिए कम से कम 50 सासंदों के समर्थन की जरूरत होती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने पद की मर्यादा का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा, ”देश की सुप्रीम कोर्ट के चार शीर्ष जजों ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है, न्यायपालिका की स्वायत्तता के साथ खिलवाड़ हो रहा है.” सिब्बल ने कहा कि ये चिंता की बात है, हमने संविधान की शपथ ली है और हमें इसकी रक्षा करनी है.

कपिल सिब्बल ने कहा, ”चीफ जस्टिस जिस तरह से कुछ मुकदमों का निपटारा कर रहे हैं और अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं , उसपर सवाल उठाये जा रहे हैं.” उन्होंने कहा कि जब चीफ जस्टिस अधिवक्ता थे तब एक जमीन के सम्बंध में उन्होंने झूठा हलफनामा दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

इस बीच चीफ जस्टिस पर महाभियोग को लेकर मीडिया में चल रही चर्चाओं को सुप्रीम कोर्ट ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली बेंच (पीठ) ने न्यायपालिका को लेकर चल रही खबरों पर कहा, “हम इन्हें लेकर परेशान हैं.” दरअसल महाभियोग से संबंधित खबरों पर रोक लगाने के लिए एक याचिका दाखिल की गई है.

याचिका में कहा गया है कि महाभियोग प्रस्ताव आने से पहले संसद में भी इस पर बहस नहीं होती, लेकिन मीडिया लगातार न्यायपालिका ओर अविश्वास जताने वाली खबरें छाप रहा है. जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील एटॉर्नी जनरल से सहायता मांगी है। अब इस मामले पर 7 मई को सुनवाई होगी.

फुल कोर्ट मीटिंग
न्यायपालिका पर लगातार हो रहे हमलों पर सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों की आज फुल कोर्ट मीटिंग हो सकती है. हालांकि इसकी संभावना कम दिख रही है. जस्टिस गोगोई समेत चार से पांच जस्टिस सुप्रीम कोर्ट से जा चुके हैं। दो अदालतों में अब भी काम चल रहा है। फुल कोर्ट मीटिंग नहीं होने पर कुछ जजों को अनौपचारिक बैठकें हो सकती है.

क्यों उठी महाभियोग की मांग?

आपको बता दें कि कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जस्टिस जस्टिस जे चेलमेशवर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ ने मीडिया के सामने आकर सीजेआई दीपक मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए थे. इसके बाद कांग्रेस, वामदलों ने महाभियोग की तैयारी शुरू की थी. हालांकि समर्थन नहीं मिलने की वजह से पैर पीछे खींच लिये थे. अब एक बार फिर जज बी एच लोया मामले में कांग्रेस और वामदल बैकफुट पर है ऐसे में विपक्षी पार्टियां महाभियोग पर विचार कर रही है.

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