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इंडियन आवाज़     25 Jun 2018 03:11:57      انڈین آواز
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1993 मुंबई धमाके: 2 को मृत्युदंड, अबु सलेम और अन्य को उम्रकैद

ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल रशीद खान को फांसी की सजा हुई है

 

ABU SALEM

 

मुंबई की विशेष टाडा कोर्ट ने 1993 में मुंबई ब्लास्ट के दोषियों को सजा सुना दी है। इस मामले में दो दोषियों को फांसी की सजा, दो को आजीवन कारावास और एक को दस साल की सजा सुनाई गई है। ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल रशीद खान को फांसी की सजा हुई है। जबकि अबू सलेम और करीमुल्लाह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोनों पर दो- दो लाख रुपये का जुर्मान भी लगाया गया है। कोर्ट ने करीमुल्लाह को हथियार सप्लाई का दोषी माना है। रियाज सिद्दकी को दस साल की सजा सुनाई गई है।
यह फैसला मुम्बई विस्फोट के करीब 24 साल बाद आया है। गौरतलब है कि 12 मार्च, 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी।
टाडा अदालत ने इस मामले में अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, उसके भाई मोहम्मद दौसा, फिरोज अब्दुल राशिद खान, मर्चेंट ताहिर और करीमुल्लाह शेख को दोषी ठहराया था। ज्ञात हो कि इस मामले में याकूब मेमन को 2015 में फांसी दी जा चुकी है।
अबू सलेम को पुर्तगाल से भारत प्रत्यार्पण किया गया था।

सीबीआई के वकील दीपक साल्वे ने इस फैसले को 1993 मुंबई बम धमाका मामले के पीड़ितों के लिए न्याय बताया है
सीबीआई के विशेष सरकारी वकील दीपक साल्वी ने भी उसके लिए मौत की सजा की मांग ना करते हुए अधिक से अधिक सजा की मांग की थी। वहीं ताहिर मर्चेंट, करीमुल्लाह खान और फ़िरोज़ अब्दुल राशिद खान ये सभी भी साजिश की धारा 120 बी, टाडा और हत्या के तहत दोषी पाए गए थे। टाडा अदालत ने इस मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम, मुस्ताफ डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, करीमुल्ला, रियाज सिद्दीकी और ताहिर मरचेंट दोषी करार दिया है। सलेम को अदालत फांसी की सजा नहीं दे सकती है क्योंकि प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती है। इस विस्फोट मामले में 257 लोगों की मौत हुई थी जबकि 713 गंभीर रूप से घायल हुए थे और इससे 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। इस मामले एक आरोपी अब्दुल कैयुम को बरी कर दिया गया है। साल 2007 में पूरे हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने इस मामले में याकूब मेमन सहित सौ आरोपियों को दोषी ठहराया था जबकि 23 लोग बरी हुए थे। इस मामले के मुख्य आरोपी याकूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को फांसी की सजा दी जा चुकी है। सलेम पर गुजरात से मुंबई हथियार ले जाने का आरोप है। सलेम ने अवैध रूप से हथियार रखने के आरोपी अभिनेता संजय दत्त को एके 56 राइफलें, 250 कारतूस और कुछ हथगोले 16 जनवरी 1993 को उनके आवास पर उन्हें सौंपे थे। दो दिन बाद 18 जनवरी 1993 को सलेम और दो अन्य दत्त के गए और वहां से दो राइफलें तथा कुछ गोलियां लेकर वापस आए थे।

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