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इंडियन आवाज़     20 Jul 2018 06:24:10      انڈین آواز
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रूबी अंसार ने राजस्थान के मुसलमानो को दिखाई तालीम की मंज़िल

अशफाक कायमखानी/जयपुर

 
RUBI

 

राजस्थान सिविल सेवा के कल आये रेज़ल्ट चौथे नम्बर पर सवाईमाधोपुर की रुबी अंसार के आने के बाद समुदाय मे एक नये जोश का संचार हुआ है। हालाकि राजस्थान के मुस्लिम समुदाय की सरकारी सेवा मे भागीदारी नई शताब्दी शुरु होने के बाद से लेकर अब तक पहले के मुकाबले दिन ब दिन निचे की तरफ तेजी के साथ लूढकती जा रही है। जबकि इसके विपरीत समुदाय को पहले के मुकाबले शेक्षणिक व आर्थिक रुप से पॉज़िटिव मजबूती मिली है।
राजस्थान के मुस्लिम समुदाय मे पिछले 16-17 साल मे पहले के मुकाबले आर्थिक हालात मे तेजी के साथ पोजीटीव इजाफा होने के बावजूद उनका राजस्थान सिविल सेवा परीक्षा के रेज़ल्ट मे उनके पहले के मुकाबले काफी गिरावट आती देखी गई है।
मुस्लिम समुदाय के हिसाब से पिछले 15-16 सालो के गुजरे समय पर नज़र डाले तो 2005-06 मे अबू बक्र व अबू सुफीयान चोहान 2011 मे सलीम खान व उनकी पत्नी सना सिद्दिकी एवं अंजुम ताहिर शमा के चयनीत होने से पहले 2010 मे हाकम खान मेव व नसीम खान फिर 2014 मे शीराज अली जैदी RAS केडर के चयनीत होने के अलावा 2000-2001 मे नाजीम अली खान के बाद 2011 मे शाहना खानम व 2014 मे नूर मोहम्मद राठोड़ परीक्षा के मार्फत केवल तीन RPS नई sadi मे चयनित हो पाये हैं। इसके साथ ही मरहुम अजरा परवीन पहले RPS व फिर 2001 मे RAS के लिये चयनीत हो पाई थी। लेकिन दो साल पहले अजरा परवीन की एक ऐक्सीडेंट मे इंतेकाल होने से स्टेट का एक होनहार अधिकारी चला गया।
कुल मिलाकर यह है कि जब जब भी राजस्थान सिविल सेवा भर्ती परीक्षा होती है तो उसमे काफी कम संख्या मे मुस्लिम समुदाय के कंडिडेटस वो भी निराशा के भाव के पनपने के चलते भाग्य अजमाते नजर आ रहे है। जबकि उनको होने वाली इस त्रिस्तरीय हर परीक्षा मे हर स्तर पर कठिन परिश्रम करके कामयाबी का परचम लहराने का टारगेट रखना होना चाहिये। जिस कसोटी पर वो कहा ठहर पाते है यह तो वो जाने लेकिन उनको हर हालत मे होसला तो बनाकर हालात साजगार बनाने के प्रयत्न तो करने ही होगे। दुसरी तरफ मुस्लिम बच्चो के लिये उक्त तरह की सभी मुकाबलाती परीक्षाओ की तैयारी के लिये शायद 1985-2000 तक जयपुर के मोती डुंगरी रोड़ पर नानाजी की हवेली मे रिहायसी तोर पर कोचिंग का शानदार इंतेजाम हुवा करता था। जिस कोचिंग से तत्तकालीन समय मे हमारे लिये अच्छे व उत्साह वर्धक परीणाम निकल कर आ रहे थे। उसके बाद वो सिस्टम पता नही क्यो धारासाई हो गया। आज उस तरह के फिर से सिस्टम डेवेलप होने की समुदाय मे सख्त जरुरत महसूस की जाने लगी है।

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