इंडियन आवाज़     20 Apr 2018 04:24:58      انڈین آواز

मुस्लिम परिवार पर ट्रेन में जानलेवा हमला

AMN

TRAIN MUSLIM

देश में सम्प्रदायिक उन्माद के वर्तमान दौर में एक और दर्दनाक घटना सामने आई. ट्रेन में सफर के दौरान एक मुस्लिम परिवार के दस लोगों पर जानलेवा हमला किया गया जिसमें परिवार के सभी सदस्य बुरी तरह घायल हुए । इस हमले में पीड़ित परिवार के विकालांग बच्चे फैजान भी बुरी तरह जख्मी हो गया है। चार लोगों की हड्डियां टूटी। चार लोगों के सर पर गंभीर चोटें आईं। इस हमले में सभी के पेट में गंभीर चोटें हैं।

इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात जीआरपी की अनुपस्थिति थी। वहीं इमरजेंसी नंबर 100 की विफलता भी सामने आई है। ये विफलता यह दर्शाता है कि आमलोगों की सुरक्षा कितना चिंता का विषय बन गया है।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एक परिवार सिकोहाबाद कासगंज पैसेंजर ट्रेन से जा रहे थें। परिवार के दस लोग सफर कर रहे थें। इसमें महिला, विकलांग और बच्चे भी शामिल थें। बुधवार (13 जुलाई) की शाम मैनपुरी के पास इन लोगों पर बुरी तरह हमला किया गया। इस हमले परिवार के सभी सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के सभी सदस्यों फर्रूखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। इलाज के बाद कुछ होश में आई आसिया बेगम ने सबरंगइंडिया को बताया कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों ने बताया कि वे मुस्लिम हैं और ट्रेन में कुछ अलग दिखने पर उन्हें निशाना बनाया गया। ये घटना मोता और निबकरोरी स्टेशन के बीच फर्रूखाबाद जंक्शनल से करीब 30 किलोमीटर की दर पर हुई।

पचास वर्षीय मोहम्मद शाकिर ने आपराधिक मामले के तहत एफआइआर दर्ज कराते हुए कहा कि भोंगांव स्टेशन से मेरे परिवार के लोग करीब 6 बजे ट्रेन पर सवार हुए। ट्रेन करीब चार किलोमीटर ही चली थी कि पांच लोगों के एक ग्रुप से एक लड़का मेरे लड़के फैजान मोबाइल फोन छीना, मेरा लड़का विकलांग है, जब हमने इसका विरोध किया तो सभी लोगों ने मिलकर मेरे परिवार के सभी लोगों पर एक साथ हमला कर दिया। महिलाओं तक को नहीं छोड़ा। हमलावरों ने विकलांग फैजान को भी बुरी तरह पीटा।

घायलों की पहचान शाकिर, उनकी पत्नी आशिया (40), बेटी अरसी (18), दो लड़के फैजान (17) और अरसान (22), भाई आरिफ (35), भतीजा आसिफ (17), शाहिद, शहनाज औऱ मेनाज के रूप में हुई है। सभी बुरी तरह घायल हैं।

शाकिर ने मीडिया को बताया कि ट्रे निबकरोरी स्टेशन पहुंचने वाली थी कि हमलावरों ने ट्रेन को चेनपुलिंग कर रोक दिया और अपने साथियों को वहां बुला लिया। वे सभी मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गए। सभी के हाथों में लोहे की रॉड और डंडे थे। सभी ने मिलकर हमला किया।

जब हमलावर और लोगों को बुला रहे थें तो पीड़ितों ने अंदर से कंपार्टमेंट को बंद करने की कोशिश की। इन हमलावरों ने उस वक्त तक पिटाई की जबतक वे लोग बेहोश होकर गिर नहीं गए। ये सिर्फ हमला नहीं बल्कि छेड़छाड़ का भी मामला है। जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि महिलाओं के कपड़े फटे थे इससे पता चलता है कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई। अधिकारी ने बताया कि अभी वो कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं लेकिन प्रथमदृष्टया ये पता चलता है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की गई है।

जीआरपी (झांसी डिविजन) के एसपी ओपी सिंह ने मीडिया को बताया कि आइपीसी की धारा 395 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जांच के बाद अन्य धाराओं को भी जोड़ा जाएगा। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।

घटना को याद करते हुए मोहम्मद शाकिर रोने लगते है और कहते हैं कि हमारे साथ जो हुआ उसे कभी भूल नहीं सकते हैं। हमलावरों ने हमलोगों पर लोहे की रॉड से हमला किया, सामनों को लूटा और महिलाओं से छेड़छाड़ की।

उनलोगों ने मेरे विकलांग बच्चे को भी नहीं छोड़ा। वे लगातार अश्लील शब्दों का प्रयोग करते रहे। वे लोग जान से मारने की बात कर रहे थे। वे उस वक्त तक पीटते रहे जबतक हमलोग बेहोश होकर गिर नहीं गए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक वीडियो प्राप्त हुआ है जिसमें कुछ लोग इमरजेंसी खिड़की तोड़कर कंपार्टमेंट में घुसते दिख रहे हैं। वे पत्थरों से हमला कर रहे हैं।

पीड़त अरसान ने कहा कि हमलावरों ने मेरी मां से बदसलूकी की और मेरे बहन के कपड़े फार दिए। हमलावरों ने उन यात्रियों पर भी हमले किए जो हमें बचाने की कोशिश कर रहे थें। जब हमलावर हमलोगों को पीटने लगे तो सभी यात्रियों ने बॉगी खाली कर दूसरे बॉगी में चले गए। अरसान ने कहा कि हमलोगों ने 100 नंबर पर पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की बात नहीं हो पाई। फर्रूखाबाद पहुंचने पर जीआरपी हमलोगों अस्पताल ले गया।

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