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इंडियन आवाज़     16 Jul 2018 12:26:57      انڈین آواز
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‘मन की बात’: प्रधानमंत्री बोले 26/11 हमले में जान गंवाने वालों को भूल नहीं सकता देश

Mann_ki_Baat

AMN / NEW DELHI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को देश की जनता से 38वीं ”मन की बात’ में कहा 26/11 हमारा संविधान-दिवस है लेकिन ये देश कैसे भूल सकता हैं कि नौ साल पहले 26/11 को, आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला बोल दिया था। देश उन बहादुर नागरिकों, पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी, उन हर किसी का स्मरण करता है, उनको नमन करता है जिन्होंने अपनी जान गंवाई। यह देश कभी उनके बलिदान को नहीं भूल सकता।

आतंकवाद आज विश्व के हर भू-भाग में और एक प्रकार से प्रतिदिन होने वाली घटना का, एक अति-भयंकर रूप बन गई है। हम, भारत में तो गत 40 वर्ष से आतंकवाद के कारण बहुत कुछ झेल रहे हैं। हज़ारों हमारे निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई है। लेकिन कुछ वर्ष पहले, भारत जब दुनिया के सामने आतंकवाद की चर्चा करता था, आतंकवाद से भयंकर संकट की चर्चा करता था तो दुनिया के बहुत लोग थे, जो इसको गंभीरता से लेने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन जब आज, आतंकवाद उनके अपने दरवाज़ों पर दस्तक दे रहा है तब, दुनिया की हर सरकार, मानवतावाद में विश्वास करने वाले, लोकतंत्र में भरोसा करने वाली सरकारें, आतंकवाद को एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं। आतंकवाद ने विश्व की मानवता को ललकारा है। आतंकवाद ने मानवतावाद को चुनौती दी है। वो मानवीय शक्तियों को नष्ट करने पर तुला हुआ है। और इसलिए, सिर्फ़ भारत ही नहीं, विश्व की सभी मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होकर, आतंकवाद को पराजित करके ही रहना होगा। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु नानक, महात्मा गांधी, ये ही तो ये धरती है जिसने अहिंसा और प्रेम का संदेश दुनिया को दिया है। आतंकवाद और उग्रवाद, हमारी सामाजिक संरचना को कमज़ोर कर, उन्हें छिन्न-भिन्न करने का नापाक प्रयास करते हैं। और इसलिए, मानवतावादी शक्तियों का अधिक जागरूक होना समय की मांग है।

TEXT of PM Modi’s ‘Mann ki Baat’-38-‘मन की बात’

कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने बाल दिवस के मौके पर कर्नाटक में बच्चों से हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने उन्हें लेटर लिखे हैं, जिनसे पता चलता है कि ये नन्हें-मुन्हें बालक भी देश की समस्याओं से परिचित हैं। पीएम ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है, क्योंकि आजकल के बच्चे क्लास में बैठ कर पढ़ना पसंद नहीं करते और वे प्रकृति के बारे में जानना पसंद करते हैं। 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। पीएम ने बताया कि इसके निर्माताओं के करीब तीन साल तक कठोर परिश्रम किया। इसिलए जो भी उस डिबेट को पढ़ता है, हमें गर्व होता है कि राष्ट्र को समर्पित जीवन की सोच क्या होती है?

पीएम ने कहा कि क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि विविधताओं से भरे अपने देश का संविधान बनाने के लिए उन्होंने कितना कठोर परिश्रम किया होगा?
संविधान हर नागरिक, गरीब हो या दलित, पिछड़ा हो या वंचित, आदिवासी, महिला सभी के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है और उनके हितों को सुरक्षित रखता है।

पीएम ने कहा कि आज हम भारत के जिस संविधान पर गौरव का अनुभव करते हैं, उसके निर्माण में बाबासाहेब आंबेडकर के कुशल नेतृत्व की अमिट छाप है। पीएम ने कहा कि आज ही के दिन एक खौफनाक पल भी भारत के इतिहास में आया था। ये देश कैसे भूल सकता हैं कि नौ साल पहले 26/11 को, आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला बोल दिया था। पीएम ने कहा कि 4 दिसंबर को नौसेना दिवस है और हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि हमारे सैनिक समुद्र-तटों की रक्षा और सुरक्षा प्रदान करते हैं।

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