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इंडियन आवाज़     17 Oct 2018 06:01:49      انڈین آواز
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मदरसे आतंकवादी नहीं, आईएएस पैदा करते हैं: अल्पसंख्यक आयोग

AMN / नई दिल्ली

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरूल हसन रिज़वी ने रविवार कहा कि मदरसों से पढ़ाई करने वाले बच्चे अब आईएएस अधिकारी तक बन रहे हैं.

उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिज़वी के मदरसों से जुड़े विवादित बयान को ख़ारिज करते हुए अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रिजवी ने कहा, ‘मदरसों को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश बहुत बचकाना और हास्यास्पद है. एक या दो घटनाओं को लेकर मदरसों को बदनाम नहीं किया जा सकता.

पिछले दिनों वसीम रिज़वी ने मदरसों पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर उन्हें बंद करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था.

आज के समय मदरसों से पढ़ने वाले बच्चे आईएएस अधिकारी भी बन रहे हैं और दूसरे क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं. मैं तो यह कहूंगा कि मदरसे आतंकवादी नहीं, बल्कि आईएएस पैदा करते हैं,’  सैयद गैयूरूल हसन रिज़वी ने रविवार कहा

ऐसी कई मिसालें मिलती हैं जब मदरसों से पढ़े बच्चों ने यूपीएससी की परीक्षा में क़ामयाबी हासिल की है. दारूल उलूम देवबंद से पढ़ाई करने वाले मौलाना वसीमुर रहमान ने 2008 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. उनको 404वीं रैंक मिली थी.

उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले में मदरसा ‘अल अरबिया’ से पढ़ाई करने वाले मौलाना हम्माद ज़फ़र ने 2013 में यूपीएससी की परीक्षा पास की और उनको 825वीं रैंक हासिल हुई थी.

गैयूरुल हसन रिज़वी ने कहा, ‘यह बात सामने आई है कि इन (वसीम रिज़वी) पर कई मामले चल रहे हैं और वह सरकार की नज़र में अच्छा बनने के लिए इस तरह की बेबुनियाद बातें कर रहे हैं. लेकिन मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि सरकार को इनकी बातों पर कोई यक़ीन नहीं है. सरकार तो मदरसों का आधुनिकीकरण करना और इनको आगे बढ़ाना चाहती है।

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