FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     20 Nov 2017 11:21:53      انڈین آواز
Ad

बिहार संकट : राहुल गांधी पर लालू यादव से नाता तोड़ने का दबाव बढ़ा,

प्रेदश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी की छुट्टी शीघ्र

राजीव रंजन नाग

नई दिल्ली। बिहार में शीघ्र ही एक और राजनीतिक डरामे के मंचन का स्टेज तैयार है। राज्य में कांग्रेस के 19 विधायकों ने पार्टी के व्यापक हित में राहुल गांधी से मिल कर लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से संबंध खत्म करने की अपील की है। बिहार में 243 सदस्यीय राज्य विधान सभा में कांग्रेस के 27 विधायक हैं। समझा जाता है कि राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी 12 से अधिक विधायक कांग्रेस छोड़ कर नीतीश कुमार के नेतृतव वाले सत्तारुढ़ जनता दल (यू) में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस पार्टी के एक केंद्रीय नेता ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अशोक चौधरी को उनके पद से हटाये जाने का फैसला इस सप्ताह कर लिया जायेगा। पार्टी उनके विकल्प की तलाश कर रही है।

LALU RALLY 2पार्टी में विखराव से आशँकित कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व राज्य की राजनीतिक हालात पर नजर रखे रखे हुए है। विधायकों ने पार्टी में टूट से बचाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी को तत्काल उनके पद से हटाये जाने की जरुरत पर बल दिया है। उनका आकलन है कि ऐसा करने से उनका साथ दे रहे विधायक उनका साथ देने के अपने फैसले से पीछे हट सकते हैं।

गुरुवार को राहुल गांधी से मिले कांग्रेसी विधायकों ने एक स्वर से लालू प्रसाद यादव की पार्टी (राजद) से संबंध खत्म करने की मांग कर कांग्रेस नेतृत्व को धर्मसंकट में डाल दिया है। पार्टी विधायकों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहा है कि लालू यादव का अगड़ी जातियों के खिलाफ अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिम और यादव समुदायों को साथ संगठित करने की पहल के कारण बीते दो दशक से कांग्रेस हाशिये पर चली गई है। विधायकों ने राहुल को यह भी बताया कि उन्हीं कारणों से बीते दो दशक से कांग्रेस राज्य की राजनीतिक में फजीहत का सामना कर रही है। लिहाजा अब समय आ गया है कि कांग्रेस अपने बुते पर जमीन तैयार करे।

मुस्लिम समुदाय कांग्रेस के आइने में अपना भविष्य देखने के आदी रहा है। लालू से गठबंधन के कारण मुस्लिम आबादी का कांग्रेस से मोह भँग हो गया है।राजद से गठजोड़ के कारण अगड़ी जातियां पहले ही कांग्रेस से अलग हो कर भाजपा का साथ जाने को मजबूर हुई है। उनका कहना था कि राज्य की जनता में यह धारणा बन रही है कि लालू यादव और उनके परिवार के भ्रष्टाचार को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त है।

कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने बताया कि राजद द्वारा हाल में भाजपा के खिलाफ पटना में आयोजित भाजपा भगाओ देश बचाव रैली में राज्य में एक भी ऐसा पोस्टर और पर्चा नहीं देखा गया जिसमें राहुल गांधी या फिर सोनिया गांधी की तस्वीर थी। उन्होंने सवाल किया कि यह किस तरह का गठजोड़ है जिसमें लालू को कांग्रेस का समर्थन तो चाहिए लेकिन गठबंधन कार्यक्रमों में कांग्रेस नेतृत्व का फोटो लगाने से परहेज किया जाता है ? उनका कहना था कि लालू पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है राजद हमें निर्देश नहीं दे सकती।

राज्य में पार्टी के विखराव की स्थिति का सामना कर रही 132 वर्षीय कांग्रेस नेतृत्व को विधायकों ने बताया कि राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधुरी अपने समर्थक विधायको के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संपर्क में हैं। चौधरी नीतीश कुमार के शुभचिंतक माने जाते हैं। भाजपा के साथ जाने से पहले चौधरी नीतीश कुमार सरकार में कांग्रेस कोटे से शिक्षा मंत्री थे।

दल बदल कानून से बचने के लिए चौधरी को 27 सद्स्यीय कांग्रेस विधायक दल में 18 विधायकों के समर्थन की जरुरत है। विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को बताया है कि पार्टी के 14 विधायकों ने नीतीश कुमार को समर्थन देने के पत्र पर हस्ताक्षर किया है। लेकिन जैसे ही चौधरी को उनके पद से हटाये जाने की आहट सुन कर उनके समर्थक 3-4 विधायक पीटे हट गए हैं। राहुल गांधी से मिले 9 विधान सभी और दो विधान परिषद सदस्यों ने पार्टी हाई कमान से

नीतीश का समर्थन करने वाले पार्टी विधायकों पर शीघ्र कारर्वाई करने की मांग की है।

बिहार में नीतीस कुमार की नेतृत्व वाले महागठबंधन में विखराव के तुरत बाद से कांग्रेस में टूट की अटकंलें तेज हो गई है। पार्टी विधानमंडल दल में टूट की आशँका से भयभीत कांग्रेस नेतृत्व ने पटना और दिल्ली में विधायकों के साथ दो बैठकें कर टूट को टालने की कोशिश की है। इन बैठकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी को नहीं बुलाया गया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी विधायकों को दिल्ली बुलाकर उन्हें समधाने की कोशिश की है।

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी ने पार्टी में टूट को लेकर व्यक्त की जा रही अटकलों पर टिप्पणी करते हुए पटना में कहा कि कांग्रेस के मौजूदा संकट के लिए पार्टी के केंद्रीय नेता जिम्मेवार हैं। मेरे बारे में बाताया जा रहा है कि मैं पार्टी छोड़ कर नीतीश कुमार के साथ जा रहा हूं लिहाजा मुझे अध्यक्ष पद से हटाया जा रहा है।

ज्ञांत हो कि नीतीश कुमार ने 26 जुलाई को कांग्रेस –राजद से संबंध खत्म कर भाजपा के के सहयोग से सरकार बना ली थी। 2015 में राज्य में नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बने महागठबंधन में राजद के अलावा कांग्रेस पार्टी भी शामिल थी। तेजस्वी यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप और केंद्रीय जांच ऐजेंसियों द्वारा छापे मारी की घटना के बाद नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो कर भाजपा के सहयोग से सरकार बना ली थी। तेजस्वी यादव महागठबंधन की उनकी सरकार में उप मुख्यमंत्री थे।

Follow and like us:
20

Leave a Reply

You have to agree to the comment policy.

Ad

NEWS IN HINDI

अब बिहार से नेपाल के लिए ट्रेन चलेगी

  नई दिल्ली: रेलवे ने बिहार वासियों को ए ...

हार्दिक ने कांग्रेस को समर्थन का एलान किया

  नई दिल्ली : गुजरात में विधानसभा चुनाव ...

UP: अवैध गन्ना खरीद में लिप्त गन्ना माफिया जाएंगे जेल

अवैध खरीद में लिप्त पाए जाने पर चीनी मिलें ...

Ad
Ad
Ad

SPORTS

Women’s Youth Boxing Championships gets off to start in Guwahati

  The AIBA Women's Youth Boxing Championships got off to a colourful start in Guwahati today in the pr ...

Berhanu Legese and Almaz Ayana win 7 Airtel Delhi Half Marathon

HARPAL SINGH BEDI /NEW DELHI The 2017 edition of the Airtel Delhi Half Marathon lived up to its legacy of bei ...

Ad

Archive

November 2017
M T W T F S S
« Oct    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

OPEN HOUSE

Mallya case: India gives fresh set of documents to UK

AMN India has given a fresh set of papers to the UK in the extradition case of businessman Vijay Mallya. Ex ...

@Powered By: Logicsart

Help us, spread the word about INDIAN AWAAZ

RSS99
Follow by Email20
Facebook210
Facebook
Google+
http://theindianawaaz.com/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0">
LINKEDIN