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इंडियन आवाज़     25 Jun 2018 03:10:00      انڈین آواز
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प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन परियोजना की शुरुआत की

AMN / AHMEDABAD

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली भारत की पहली तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन के लिए साबरमती स्‍टेशन पर भूमि पूजन कर परियोजना की शुरुआत की।

यह ट्रेन करीब पांच सौ किलोमीटर की दूरी दो घंटे में तय करेगी। इस परियोजना के 2022 तक पूरी होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरो हाने पर भारत दुनिया के उन गिने-चुने 15 देशों में शामिल हो जायेगा जहां बुलेट ट्रेन सुविधा उपलब्‍ध है।

इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बुलेट ट्रेन के लिए वडोदरा में स्‍थापित किए जाने वाले तेज रफ्तार रेल प्रशिक्षण संस्‍थान की भी आधारशिला रखी। 6 अरब रुपये लागत के इस प्रशिक्षण संस्‍थान में जापानी विशेषज्ञ तेज रफ्तार रेल प्रणाली के निर्माण और संचालन के बारे में भारतीय इंजीनियरों को प्रशिक्षण देंगे।

श्री मोदी ने इस परियोजना को जापान की ओर से भारत को सबसे बड़ा तोहफा बताया और इस अवसर को ऐतिहासिक करार दिया। उन्‍होंने कहा कि तेज रफ्तार रेल गलियारा बन जाने से नये भारत के निर्माण के आंदोलन में तेजी आएगी।

बुलेट ट्रेन परियोजना एक ऐसा प्रोजेक्‍ट है, जो तेज गति, तेज प्रगति और उसके साथ तेज टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से तेज परिणाम भी लाने वाला है, जिसमें सुविधा भी है, सुरक्षा भी है। जो रोजगार भी लाएगा और वो रफ्तार भी लाएगा। जो नॉन फ्रेंडली भी है और इको फ्रेंडली भी है।

श्री मोदी ने कहा कि इस परियोजना से मेक इन इंडिया पहल और सुदृढ़ होगी क्‍येांकि इससे देश में बड़ी संख्‍या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

साथियों, टेक्‍नोलॉजी हमें भले जापान से मिल रही है, लेकिन बुलेट ट्रेन के लिए अधिकांश संसाधन भारत में ही जुटाये जाएंगे और इसलिए हमारे उद्योगों को भी वर्ल्‍ड क्‍लास इक्‍व‍िपमेंट मैन्‍युफैक्‍चरिंग करने होंगे। जीरो डिफेक्‍ट जीरो इफेक्‍ट मैन्‍युफैक्‍चरिंग पर बल देना पड़ेगा। डायरेक्‍ट और इन डायरेक्‍ट इम्‍प्‍लॉमेंट के हजारों अवसर भी ये प्रोजेक्‍ट अपने साथ ले करके आ रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत के साथ सहयोग के लिए जापान के प्रति हार्दिक आभार व्‍यक्‍त किया और कहा इससे न सिर्फ भारतीय रेलवे को लाभ होगा बल्कि देश में मानव संसाधन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि सरकार उत्‍पादकता बढ़ाने और शहरों के बीच तेज रफ्तार संपर्क कायम करने पर जोर दे रही है।

किसी भी देश में आर्थिक प्रगति का सीधा संबंध होता है, प्रोडक्‍टि‍विटी से ग्रोथ तभी होगी जब प्रोडक्‍ट‍िविटी होगी। हमारा जोर है मोर प्रोडक्‍ट‍िविटी विद हाई स्‍पीड कनेक्टिविटी।

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस परियोजना को प्रशांत महासागर और हिंद महासागर के बीच संगम का ऐतिहासिक मौका बताते हुए कहा कि इससे नई विश्‍व व्‍यवस्‍था कायम होगी। जापान के प्रधानमंत्री ने कहा कि एक मजबूत भारत जापान के हित में है और जापान की मजबूती में भारत का भी हित है। उन्‍होंने दोनों देशों की भागीदारी को विशेष तौर पर महत्‍वपूर्ण बताया।

मेक इन इंडिया पहल के प्रति जापान सरकार की वचनबद्धता व्‍यक्‍त करते हुए श्री आबे ने कहा कि भारत के मानव संसाधनों और जापान के कौशल तथा टैक्‍नोलोजी में तालमेल से भारत दुनिया में विनिर्माण गतिविधियों का केन्‍द्र बन जायेगा।

अहमदाबाद में इस मौके पर मौजूद भारी भीड़ को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “नए भारत” की उच्च महत्वाकांक्षा और इच्छाशक्ति के बारे में बताया। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बुलेट रेलगाड़ी परियोजना गति एवं विकास उपलब्ध कराएगी और इसके जल्द नतीजे आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान तेज सम्पर्क के जरिये उत्पादन बढ़ाने पर है। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना के लिए तकनीकि और आर्थिक मदद मुहैया कराने के लिए जापान को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात के लिए प्रधानमंत्री आबे की सराहना की कि इतने कम समय में इस परियोजना की शुरुआत हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेज गति वाली इस रेलगाड़ी से न सिर्फ दोनों शहरों की दूरियां घटेंगी, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर रह रहे लोग एक-दूसरे के नजदीक आएंगे। उन्होंने कहा कि मुम्बई-अहमदाबाद गलियारे पर एक नई आर्थिक व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे पूरा इलाका एकल आर्थिक क्षेत्र के रूप में बदल जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी तभी लाभदायक है, जब वह आम लोगों को फायदा पहुंचाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में लगने वाली प्रौद्योगिकी से भारतीय रेल को लाभ पहुंचेगा और इससे “मेक इन इंडिया” पहल को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वातावरण के अनुकूल होने के साथ ही मानव के अनुकूल भी होगा। उन्होंने कहा कि “हाई स्पीड गलियारे” भविष्य में तेज गति के साथ विकास के क्षेत्र के रूप में उभरेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ढांचागत संरचना का विकास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि इस परियोजना को कम से कम समय में पूरा करने के लिए सभी लोग मिल कर काम करेंगे।

इससे पहले जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी विशेष, रणनीतिक और वैश्विक है। उन्होंने कहा कि अब से कुछ वर्ष बाद वे भारत की सुन्दरता बुलेट रेलगाड़ी की खिड़की के जरिये देखना चाहेंगे।

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