FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     28 May 2018 01:04:01      انڈین آواز
Ad

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया खुलासा 2004 में BJP क्यों नहीं जीत पाई थी

नई दिल्ली :

prez Mukherjeeपूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने खुलासा किया है कि 2002 में हुए गुजरात दंगे वाजपेयी सरकार पर ‘संभवत: सबसे बड़ा धब्बा’ था। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ही 2004 लोकसभा चुनाव में BJP को भारी नुकसान हुआ था। अपनी आत्मकथा ‘द कोएलिशन ईयर्स : 1996-2012’ के तीसरे संस्करण में उन्होंने लिखा है, ‘इस पूरी अवधि (वाजपेयी सरकार के दौरान) में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की मांग जोर पकड़ती रही। सांप्रदायिक तनाव का गुजरात में काफी बुरा असर पड़ा, जो 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों के रूप में देखने को मिला।’ मुखर्जी ने अध्याय ‘फर्स्ट फुल टर्म नॉन कांग्रेस गवर्नमेंट’ में लिखा है, ‘साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में लगी आग में 58 लोग जलकर मर गए।

सभी पीड़ित अयोध्या से लौट रहे हिंदू कारसेवक थे। इससे गुजरात के कई शहरों में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क उठे थे। संभवत: यह वाजपेयी सरकार पर लगा सबसे बड़ा धब्बा था, जिसके कारण शायद BJP को आगामी चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।’ मुखर्जी ने कहा कि वाजपेयी एक उत्कृष्ट सांसद थे। भाषा पर उम्दा पकड़ के साथ वह एक शानदार वक्ता भी थे, जिनमें तत्काल ही लोगों के साथ जुड़ जाने और उन्हें साथ ले आने की कला थी।

उन्होंने अपनी किताब में लिखा, ‘राजनीति में वाजपेयी को लोगों का भरोसा मिल रहा था और इस प्रक्रिया में वह देश में अपनी पार्टी, सहयोगियों और विरोधियों का भी सम्मान अर्जित कर रहे थे। वहीं, विदेश में उन्होंने भारत की सौहार्द्रपूर्ण छवि पेश की और अपनी विदेश नीति के जरिए देश को दुनिया से जोड़ा।

प्रभावशाली और विनम्र राजनेता वाजपेयी ने हमेशा दूसरों को उनके कार्यों का श्रेय दिया।’ अपनी सरकार को श्रेय देते हुए प्रणव मुखर्जी ने लिखा, ‘सुधार की शुरुआत हमने नहीं की। हम नरसिम्हा राव सरकार द्वारा शुरू की गई और दो संयुक्त मोर्चा सरकारों द्वारा जारी रखी गई प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन हम सुधार प्रक्रिया को व्यापक और गहरा बनाने और इसे गति देने का श्रेय अवश्य लेते हैं।’ मुखर्जी के मुताबिक, वाजपेयी ने कभी भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया। उनका कहना है कि 2004 के लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस फिर से सत्ता में आ गई। कांग्रेस और कई अन्य गैर-बीजेपीई पार्टियों की जीत ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। कई चुनावी पंडितों ने NDA की स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी की थी। 2004 की फरवरी में इंडिया टुडे-ओआरजी-एमएआरजी सर्वेक्षण में वाजपेयी के नेतृत्व वाले गठबंधन की स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी की गई थी।

मुखर्जी के मुताबिक, ”चुनाव सर्वेक्षण का विशलेषण करते हुए पत्रिका ने लिखा था, ‘प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और अर्थव्यवस्था में तेजी की लहर पर सवार BJP नेतृत्व वाला गठबंधन आगामी चुनाव में स्पष्ट जीत हासिल करने को तैयार नजर आ रहा है।’ मुखर्जी ने लिखा, ‘NDA का आत्मविश्वास हिल गया था। उसके ‘इंडिया शाइनिंग’ अभियान का नतीजा बिल्कुल उल्टा निकला था और BJP में निराशा की लहर छा गई थी, जिसके कारण वाजपेयी ने दुखी होकर कहा था कि वह कभी भी मतदाता के मन को नहीं समझ सकते।’ मुखर्जी ने साथ ही याद किया कि 2004 आम चुनाव अक्टूबर में होने थे, लेकिन BJP ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली जीत को देखते हुए छह महीने पहले ही चुनाव करा लिए थे, हालांकि दिल्ली में उसे कांग्रेस के हाथों हार मिली थी। मुखर्जी ने कहा, ‘महत्वपूर्ण राज्यों में जीत के कारण BJP में खुशी की लहर थी। हालांकि कुछ लोगों ने इन परिणामों को राष्ट्रीय रुझान समझने की भूल न करने की सलाह भी दी थी।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad

MARQUEE

Mumbai twins score identical marks in Class XII

WEB DESK/ MUMBAI Mumbai twins Rohan and Rahul Chembakasserill not just look identical but have also scored an ...

Govt to improve connectivity to Gaya and Bodhgaya

Our Correspondent / Gaya Union Tourism Secretary Rashmi Verma on Wednesday informed that Centre was trying to ...

@Powered By: Logicsart