FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     19 Jul 2018 08:25:34      انڈین آواز
Ad

देश के 13वें उपराष्ट्रपति बने वेंकैया नायडू, हिन्दी में ली पद की शपथ

प्रदीप शर्मा / नई दिल्ली

श्री एम. वेंकैया नायडू को आज भारत के 13वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई। राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्‍हें पद की शपथ दिलाई। इस समारोह में उपस्थित गणमान्‍य लोगों में पूर्व उपराष्‍ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राज्‍यपाल, मुख्‍यमंत्री, केन्‍द्रीय मंत्री और सांसद उपस्थित थे।

श्री नायडू ने आज सवेरे राजघाट जाकर राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्‍होंने पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय और सरदार पटेल को भी श्रद्धांजलि दी।
शपथ लेने के बाद श्री नायडू संसद पहुंचे और राज्‍यसभा के सभापति का कार्यभार संभाला। उन्‍होंने सदन की कार्यवाही की अध्‍यक्षता भी की। श्री नायडू पांच अगस्‍त को उपराष्‍ट्रपति चुने गए थे। उन्‍होंने विपक्षी उम्‍मीदवार गोपाल कृष्‍ण गांधी को हराया था।

 

वेंकैया नायडू शुक्रवार को शपथ लेकर राज्यसभा का कामकाज संभालने पहुंचे। इसके बाद, सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की ओर से उनके स्वागत में स्पीच दी गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने सरकार की ओर से, जबकि विपक्ष की ओर से कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने स्पीच दी। मोदी ने देश के सभी सर्वोच्च पदों- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री आदि पर गरीब बैकग्राउंड के लोगों के पहुंचने के लिए लोकतंत्र की तारीफ की। वहीं, गुलाम नबी आजाद ने कहा कि देश की आजादी और बाद में मजबूत लोकतंत्र की नींव रखने में अमीरों और करोड़पति लोगों के योगदान को भी नहीं भूलना चाहिए।

गुलाम नबी आजाद ने अमीरों का उदाहरण देते हुए पंडित मोती लाल नेहरू का जिक्र किया। आजाद ने कहा कि पंडित मोतीलाल नेहरू इतने अमीर थे कि आज उनकी वकालत की हर दिन की प्रैक्टिस 6 से 7 करोड़ रुपये के बीच होती। आजाद के मुताबिक, उन करोड़पति और अमीर लोगों को भी याद किया जाना चाहिए, जिन्होंने अपना परिवार और जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया। आजाद ने महात्मा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी काफी समृद्ध परिवार से थे, जो वकालत की प्रैक्टिस करने के लिए साउथ अफ्रीका भी गए। आजाद ने कहा कि देश की आजादी के लिए गांधी ने अपने कपड़े तक उतार फेंके। आजाद ने कहा, ”इसमें गरीबी अमीरी का सवाल नहीं है। इनके पीछे एक ताकत है, वो लोकतंत्र है।’ उन्होंने कहा, ‘सुभाष चंद्र बोस, गांधी जी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरकार पटेल, मौलाना आजाद, को कौन भूल सकता है, ऐसे लोग जो संपन्न थे, उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी और ऐसा संविधान दिया कि आज कोई भी कुछ भी बन सकता है।’
गुलाम नबी आजाद ने नायडू को पद संभालने की बधाई तो दी लेकिन साथ ही उनका कर्तव्य भी याद दिलाया। याद दिलाया कि भले ही कभी वह एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे, लेकिन इस पद पर रहते हुए उन्हें न्याय करना है। आजाद ने कहा कि जिस पद पर नायडू बैठे हैं, उस सीट के पीछे एक तराजू है, जो बार-बार जज, स्पीकर या राज्यसभा चेयरमैन को याद दिलाता है कि वह निष्पक्ष है। आजाद ने कहा कि इस पद पर इंसान सिर्फ इंसान होता है। न्याय करते वक्त न धर्म होता है, न ही उसकी पार्टी होती है। आखिर में आजाद ने कहा, ‘ये जगह अल्लाह ने आज आपको नवाजा है। हम आपकी लंबी आयु की कामना करते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि सदन के नेता परंपराओं को इसलिए भी याद दिलाते हैं ताकि आगे भी वे परंपराएं बनी रहें।

पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में नायडू का स्वागत करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। मोदी ने उनकी भाषण कला और तुकबंदी की भी सराहना की। पीएम के मुताबिक, वेंकैया का भाषण महज शब्दों का खेल नहीं है, उनकी स्पीच दिलों को छूती है। मोदी ने कहा कि नायडू ऐसे पहले उपराष्ट्रपति हैं, जिसने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया है। नायडू संभवत: पहले ऐसे उपराष्ट्रपति हैं जो इतने सालों इसी परिसर में इन्हीं सब के बीच में पले बढ़े हैं। मोदी ने कहा कि वेंकैया किसान के बेटे हैं, इसलिए उन्हें गरीबों और निम्न तबके के हालात बेहतर ढंग से पता हैं। मोदी ने कहा कि सभी सर्वोच्च पदों पर गरीब बैकग्राउंड के व्यक्ति का होना ही इस संविधान की खूबसूरती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
Ad
Ad

MARQUEE

SC slams Centre for ‘lethargy’ over upkeep of Taj Mahal

AMN / NEW DELHI The Supreme Court today criticised the Central Government and its authorities for their, wh ...

India, Nepal to jointly promote tourism

AMN / KATHMANDU India and Nepal have decided to promote tourism jointly. This was decided at the 2nd meeting ...

@Powered By: Logicsart