FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     20 Jul 2018 06:16:43      انڈین آواز
Ad

देश कर्नाटक में लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा – राहुल

rahul-2

प्रदीप शर्मा

कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को बिना बहुमत के दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसे लेकर कांग्रेस-जेडीएस और भाजपा के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक में लोकतंत्र का मखौल उड़ाए जाने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस ने अवसरवादी गठबंधन कर लोकतंत्र की हत्या की। बुधवार रात 11 बजे राज्यपाल वजुभाई वाला ने बहुमत साबित करने के लिए येदियुरप्पा को 15 दिन का वक्त दिया। उधर, कांग्रेस और जेडीएस की अपील पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को 10.30 बजे सुनवाई कर सकता है। बता दें कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने येदियुरप्पा के शपथ समारोह से 15 मिनट पहले ट्वीट किया, ”कर्नाटक में सरकार बनाने का भाजपा की मांग तर्कहीन है। यह साफ है कि उनके पास पर्याप्त बहुमत नहीं है, ऐसे में संविधान का मखौल उड़ाया जा रहा है। आज भाजपा अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही है। देश लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।”

अमित शाह ने जवाबी ट्वीट में कहा, ”लोकतंत्र की हत्या तो उसी वक्त हो गई थी, जब कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए जेडीएस के साथ अवसरवादी गठबंधन कर लिया था। यह सब कर्नाटक की भलाई के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए हुआ, जो शर्मनाक है। चुनाव में 104 सीटों के साथ भाजपा को बहुमत मिला है। कांग्रेस पिछली बार की 122 सीटों से गिरकर 78 पर सिमट गई।”

कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
जेठमलानी ने कहा, ”जो कुछ भी हुआ, उससे साफतौर पर जाहिर है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था खत्म हुई। कुछ मौके पर ऐसी चीजें हो सकती हैं, पर इन मामलों में पार्टी के दखल देने का तरीका सही नहीं है। सब जानते हैं कि भाजपा ने जो कहा राज्यपाल ने वही किया और ऐसा मुर्खतापूर्ण फैसला ले लिया। अगर आप निजी हित के लिए आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं तो यह संविधान के खिलाफ है। राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता देकर खुलेतौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।”

जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कहा, ”मोदी सरकार केंद्र की शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। मैं जानता हूं कि वे विधायकों को धमका रहे हैं। कांग्रेस विधायक आनंद सिंह ने कहा था कि उन पर शिकंजा कसने के लिए वे ईडी का इस्तेमाल करेंगे, उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय का एक केस चल रहा है। हम सभी समर्थक विधायकों की सुरक्षा करेंगे। भाजपा उन्हें खरीदने की कोशिश में है, केंद्र का यह रवैया सबको पता चलना चाहिए।”

भाजपा के बहुमत नहीं है, राज्यपाल ऐसा फैसला कैसे ले सकते हैं? वे अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैं अपने पिता और जेडीएस प्रमुख एचडी देवेगौड़ा से अपील करता हूं कि आगे आए और सभी क्षेत्रीय दलों से बात करें। देखें कि कैसे भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर रही है। आज हम सभी देश हित में एक साथ खड़े हैं।”

कर्नाटक में जारी सियासी उठापटक के बीच दक्षिण भारत की राजनीति में एक नई गोलबंदी होते दिख रही है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने एचडी देवगौड़ा फोन करके मदद की पेशकश की है. साथ ही उन्होंने विधायकों को विजयवाड़ा या विशाखापत्तनम में ठहराने की पेशकश की है.

चंद्रबाबू ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की मांग पूरी न होने पर एनडीए से किनारा कर लिया, वहीं के. चंद्रशेखर राव बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ तीसरे मोर्चे के गठन में जोर शोर से जुटे हुए हैं.

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, ”बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, पर उनके लिए बहुमत साबित करना आसान नहीं होगा। जिस पार्टी के सबसे ज्यादा विधायक होते हैं, राज्यपाल उसे सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं। जब भी ऐसा होता है, लोग कहते हैं- लोकतंत्र की हत्या हो गई, लेकिन जब देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं है तो हत्या किसकी होगी?”

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा जिनके पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाकर विधायकों की खरीदफरोख्त को बढ़ावा दिया।

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, ”मैं सुप्रीम कोर्ट को सलाम करता हूं। अगर मैं येदियुरप्पा की जगह होेता तो शुक्रवार सुबह 10.30 बजे तक शपथ नहीं लेता। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है।”
राज्यपाल को दिए लेटर में येदियुरप्पा ने यह नहीं बताया है कि उनके समर्थन में 104 से ऊपर कितने विधायक हैं। येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त मिला है ताकि वो समर्थक 104 भाजपा विधायक को 111 में बदल सकें।” येदियुरप्पा के शपथ समारोह के बाद कांग्रेस और जेडीएस नेता बेंगलुरु स्थित विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए।

इससे पहले उच्चतम न्यायलय ने रातभर चली दुर्लभ सुनवाई के बाद येदियुरप्पा के कनार्टक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

देर रात दो बजकर 11 मिनट से आज सुबह पांच बजकर 28 मिनट तक चली सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष लंबित इस मामले के अंतिम फैसले के दायरे में होगा.

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एस के बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की एक विशेष पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार सुबह की तारीख तय की और बीजेपी द्वारा कर्नाटक के राज्यपाल को दिये गए विधायकों के समर्थन वाला पत्र पेश करने का आदेश दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
Ad
Ad

MARQUEE

SC slams Centre for ‘lethargy’ over upkeep of Taj Mahal

AMN / NEW DELHI The Supreme Court today criticised the Central Government and its authorities for their, wh ...

India, Nepal to jointly promote tourism

AMN / KATHMANDU India and Nepal have decided to promote tourism jointly. This was decided at the 2nd meeting ...

@Powered By: Logicsart