FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     19 Jan 2018 02:58:32      انڈین آواز
Ad

दिल्ली पुलिस का इतिहास – DELHI POLICE

 मलिक उल उमरा फखरूद्दीन थे दिल्ली के पहले कोतवाल; पंडित नेहरु के दादा थे दिल्ली के आखिरी कोतवाल

 

इंद्र वशिष्ठ/ AMN

दिल्ली में पुलिस व्यवस्था की शुरूआत करीब आठ सौ साल पुरानी मानी जाती है। तब दिल्ली की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी शहर कोतवाल पर हुआ करती थी। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दादा गंगाधर दिल्ली के आखिरी कोतवाल थे। उस समय के शहर कोतवाल से आज देश की सबसे ज्यादा साधन सम्पन्न दिल्ली पुलिस ने लंबी दूरी तय की है।

 

delhi police

दिल्ली पुलिस स्थापना दिवस 16 फरवरी

पहला कोतवाल

दिल्ली का पहला कोतवाल मलिक उल उमरा फखरूद्दीन थे । वह सन् 1237 ईसवी में 40 की उम्र में कोतवाल बने । कोतवाल के साथ उन्हें नायब ए गिब्त(रीजेंट की गैरहाजिरी में )भी नियुक्त किया गया था। अपनी ईमानदारी के कारण ही वह तीन सुलतानों के राज-काल में लंबे अर्से तक इस पद पर रहे।

आज भले ही दिल्ली पुलिस की छवि कुछ  दागदार है,पहले के कोतवालों की ईमानदारी के अनेक किस्से इतिहास में दर्ज है। एक बार तुर्की के कुछ अमीर उमराओं की संपत्ति सुलतान बलवन के आदेश से जब्त कर ली गई। इन लोगों ने सुलतान के आदेश को फेरने के लिए कोतवाल फखरूद्दीन को रिश्वत की पेशकश की। कोतवाल ने कहा ‘यदि मैं रिश्वत ले लूंगा तो मेरी बात का कोई वजन नहीं रह जाएगा࠿’। कोतवाल का पुलिस मुख्यालय उन दिनों किला राय पिथौरा यानी आज की महरौली में था। इतिहास में इसके बाद कोतवाल मलिक अलाउल मल्क का नाम दर्ज है। जिसे सुलतान अलाउद्दीन खिलजी ने 1297 में कोतवाल तैनात किया था। सुलतान खिलजी ने एक बार मलिक के बारे में कहा था कि इनको कोतवाल नियुक्त कर रहा हूं जबकि यह है वजीर (प्रधानमंत्री ) पद के योग्य है। इतिहास में जिक्र है कि एक बार जंग को जाते समय सुलतान खिलजी कोतवाल मलिक को शहर की चाबी सौंप गए थे। सुलतान ने कोतवाल से कहा था कि जंग में जीतने वाले विजेता को वह यह चाबी सौंप दें और इसी तरह वफादारी से उसके साथ भी काम करें।

मुगल बादशाह शाहजहां ने 1648 में दिल्ली को अपनी राजधानी बनाने के साथ ही गजनफर खान को नए शहर शाहजहांनाबाद का पहला कोतवाल बनाया था। गजनफर खान को बाद में कोतवाल के साथ ही मीर-ए-आतिश (चीफ ऑफ आर्टिलरी भी बना दिया गया ।
कोतवाल व्यवस्था खत्म

1857 की क्रांति के बाद फिंरंगियों ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया और उसी के साथ दिल्ली में कोतवाल व्यवस्था भी खत्म हो गई। उस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू के दादा और पंडित मोती लाल नेहरू के पिता पंडित गंगाधर नेहरू दिल्ली के कोतवाल थे।

आइने अकबरी के अनुसार जब शाही दरबार लगा होता था तब कोतवाल को भी दरबार में मौजूद रहना पड़ता था। वह रोजाना शहर की गतिविधियों की सूचनाएं चौकीदारों और अपने मुखबिरों के जरिए प्राप्त करता था।

अंग्रेजों ने पुलिस को संगठित रूप दिया

1857 में अंग्रेजों ने पुलिस को संगठित रूप दिया। उस समय दिल्ली पंजाब का हिस्सा हुआ करती थी । 1912 में राजधानी बनने के बाद तक भी दिल्ली में पुलिस व्यवस्था पंजाब पुलिस की देखरेख में चलती रही । उसी समय दिल्ली का पहला मुख्य आयुक्त नियुक्त किया गया था। जिसे पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी के अधिकार दिए गए थे उसका मुख्यालय अंबाला में था।

1912 के गजट के अनुसार उस समय दिल्ली की पुलिस का नियत्रंण एक डीआईजी रैंक के अधिकारी के हाथ में होता था। दिल्ली में पुलिस की कमान एक सुपरिटेंडेंट(एसपी)और डिप्टीएसपी के हाथों में थी। उस समय दिल्ली शहर की सुरक्षा के लिए दो इंस्पेक्टर,27सब-इंस्पेक्टर,110 हवलदार,985 सिपाही और 28 घुडसवार थे । देहात के इलाके के लिए दो इंस्पेक्टर थे । उनका मुख्यालय सोनीपत और बल्लभगढ़ में था । उस समय तीन तहसील-सोनीपत,दिल्ली और बल्लभगढ़ के अंतर्गत 10 थाने आते थे । दिल्ली शहर में सिर्फ तीन थाने कोतवाली,सब्जी मंडी और पहाड़ गंज थे। सिविल लाइन में पुलिस बैरक थी । कोतवाली थाने की ऐतिहासिक इमारत को बाद में गुरूद्वारा शीश गंज को दे दिया गया । देहात इलाके के लिए 1861 में बना नांगलोई थाना 1872 तक मुंडका थाने के नाम से जाना जाता था ।

1946 में पुनर्गठन
दिल्ली पुलिस का 1946 में पुनर्गठन किया और पुलिसवालों की संख्या दोगुनी कर दी गई। 1948 में दिल्ली में पहला पुलिस महानिरीक्षक डी डब्लू मेहरा को नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति 16 फरवरी को की गई थी इसलिए16 फरवरी को दिल्ली पुलिस का स्थापना दिवस मनाया जाता है। 1जुलाई 1978 से दिल्ली में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू कर दी गई । इस समय दिल्ली पुलिस बल की संख्या लगभग 80000 है और थानों की संख्या 193 है.

आज सियासी दखल अंदाज़ी के बावजूद, दिल्ली पुलिस अपनी कार्य  छमता और छवि सुधरने की भर पूर कोशिश कर रही है.

FOLLOW US ON TWITTER

Follow and like us:
20

Leave a Reply

You have to agree to the comment policy.

Ad

SPORTS

Strong Indian team for Asian Badminton Team Championships

HARPAL SINGH BEDI /New Delhi After narrowly missing out on a spot at the semi-finals of the Asian Badminton T ...

Football Federation stressed on zero tolerance policy

HARPAL SINGH BEDI /NEW DELHI     All India Football Federation’s Integrity Officer Jave ...

Ad
Ad
Ad
Ad

Archive

January 2018
M T W T F S S
« Dec    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  

OPEN HOUSE

Mallya case: India gives fresh set of documents to UK

AMN India has given a fresh set of papers to the UK in the extradition case of businessman Vijay Mallya. Ex ...

@Powered By: Logicsart

Help us, spread the word about INDIAN AWAAZ