FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     23 Jun 2018 05:38:06      انڈین آواز
Ad

ताजमहल शाहजहां का बनवाया मकबरा है या शिव मंदिर: CIC ने सरकार से पूछा

Taj Mahal-agra

नई दिल्ली:

सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) ने सरकार से पूछा है कि ताजमहल मकबरा है या शिव मंदिर। दुनियाभर में मशहूर ताजमहल का इतिहास जानने के लिए एक शख्स ने आरटीआई में सवाल पूछा है। इस मुद्दे पर सीआईसी ने कल्चर मिनिस्ट्री की राय मांगी है। बता दें कि आगरा में सफेद संगमरमर से बना ताजमहल दुनिया के 7 अजूबों में शामिल है। दुनियाभर से टूरिस्ट इसे देखने के लिए आते हैं।

ASI को 30 अगस्त तक देना होगा जवाब

– सीआईसी कमिश्नर श्रीधर आचार्यालु के ऑर्डर में कहा गया है- कल्चर मिनिस्ट्री ताजमहल के इतिहास के बारे में चले आ रहे विवादों पर लगाम लगाए। साफ किया जाए कि क्या दुनिया के सात अजूबों में शामिल संगमरमर से बनी ये इमारत शाहजहां के द्वारा बनवाया गया मकबरा है, या एक राजपूत राजा के द्वारा मुगल शासक को तोहफे में दिया कोई शिवालय (शिव मंदिर)।
– आचार्यालु ने कहा है कि मिनिस्ट्री को इस मुद्दे पर अपनी राय देनी चाहिए। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) भी एक मामले में पार्टी है। उसे भी जवाब फाइल करना होगा। साथ ही एएसआई 30 अगस्त से पहले दस्तावेजों की एक कॉपी एप्लीकेंट के साथ शेयर करें।

ताजमहल के बारे में ये सवाल पूछे
– ताज के इतिहास को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई जानने के लिए बीकेएसआर अय्यंगर ने एएसआई के पास एक आरटीआई फाइल की। इसमें पूछा गया कि क्या आगरा में बना स्मारक ताजमहल है या तेजो महालय। कई लोग ये दावा करते हैं कि इसका असली नाम तेजो महालय है। इसे शाहजहां ने नहीं बनवाया बल्कि एक राजपूत राजा मान सिंह ने मुगल शासक को तोहफे में दिया था।
– आरटीआई में 17वीं सदी में इमारत को बनाने की डिटेल भी चाही गई। जैसे- इसमें कितने कमरे हैं, कितने सीक्रेट रखे गए हैं और कितने सिक्युरिटी के लिहाज से बंद किए हैं।
– अय्यंगर ने इस बारे में एएसआई से सबूतों के साथ जानकारी मांगी थी। इस पर उन्हें जवाब मिला कि ऐसा कोई सबूत और रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
– बता दें कि ताजमहल के इतिहास के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट समेत देश की कई अदालतें केस खारिज कर चुकी हैं। फिलहाल, कई पेंडिंग हैं।
बंद कमरे खुलने से नया इतिहास मिलेगा
– आचार्यालु ने कहा, ”इस आरटीआई के जवाब देने के लिए एएसआई को ताजमहल के इतिहास की रिसर्च और इन्वेस्टिगेशन करना होगा। इसके बंद कमरों को खोलने और खुदाई से कई छिपी हुई बातें सामने आएंगी और ताजमहल का नया इतिहास सामने आ सकता है।”

– ”ताजमहल को एक संरक्षित स्मारक घोषित करने से पहले कई लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं और इमारत का नाम तेजो महालय करने की मांग उठी थी।”
– ASI से पूछा ”एप्लीकेंट को बताया जाए कि क्या यहां पहले खुदाई हुई और इसमें क्या मिला? हालांकि, खुदाई का फैसला संबंधित अथॉरिटी के पास है। कमीशन बंद कमरों को खोलने और खुदाई के लिए निर्देश नहीं दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
Ad

MARQUEE

ADB to fund Rs 1900 crores for development of Tourism in Himachal Pradesh

By Vinit Wahi Department of Economic Affairs, Union Ministry of Finance, has approved a Tourism Infrastructur ...

Air India marks 70 years since 1st India-UK flight

  Air India is marking 70 years since its first flight took off from Mumbai to London in June 1948, wh ...

@Powered By: Logicsart