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इंडियन आवाज़     26 Sep 2018 02:45:03      انڈین آواز
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कासगंज के बाद अब अमेठी में हिंसा, दो गुटों की भिड़ंत में 1 की मौत, 5 घायल

प्रदीप शर्मा

उत्तर प्रदेश के कासगंज के बाद अब अमेठी में दो गुटों के बीच आपस में भिड़ंत हो गई है। इस भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौत हो गई है तो वहीं पांच घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस पार्टी पर भी हमला किया गया। अमेठी पुलिस का कहना है कि यह दो परिवारों के बीच की पुरानी रंजिश का मामला है। पुलिस के मुताबिक अमेठी के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के निरीक्षण भवन के सामने एक अज्ञात शख्स ने बम फेंका। बमबाजी के बाद कई राउंड फायरिंग हुई, इस फायरिंग में मौके पर ही एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल पसरा हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने जानकारी दी है कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

कासगंज में हुई सांप्रादायिक हिंसा के बाद अमेठी में हुई इस हिंसक भिड़ंत ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कासगंज में हुई हिंसा में 22 वर्षीय चंदन गुप्ता नाम के युवक की जान चली गई थी, वहीं अकरम नाम के एक युवक की एक आंख फोड़ दी गई थी। कासगंज में अभी भी तनाव का माहौल पसरा हुआ है। वहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है।

उधर कासगंज जिले की हिंसा पर बीत रात बरेली के डीएम की फेसबुक पोस्ट ने विवाद का रूप ले लिया है। यूपी के सीएम ने बरेली के डीएम आर विक्रम सिंह को तलब किया है। वहीं, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फेसबुक पोस्ट पर आपत्ति दर्ज करते हुए उचित कार्रवाई की बात कही है। डेप्युटी सीएम ने डीएम राघवेंद्र विक्रम पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने किसी सियासी पार्टी के प्रवक्ता की तरह बयानबाजी की है।

बता दें कि बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर बीते दिनों कासगंज में हुई हिंसा के पूरे वाकये पर सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने लिखा था कि मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे का अजीब रिवाज बन गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। वह किसी सियासी पार्टी के प्रवक्ता की तरह बयानबाजी कर रहे हैं।’

बता दें कि रविवार रात 10:25 बजे बरेली के जिलाधिकारी आर विक्रम सिंह ने लिखा था, ‘अजब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली के खेलम में हुआ था। फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए….’।

रविवार देर रात लिखी पोस्ट सोमवार शाम तक काफी वायरल हो गई। पोस्ट के पक्ष और विपक्ष में कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी आईं। हालांकि, चर्चा बढ़ने के बाद सोमवार की रात करीब 11.25 बजे उन्होंने अपनी पोस्ट एडिट कर दी और उसकी जगह 26 जनवरी को ऐतिहासिकता से जुड़ा कंटेंट डाल दिया। हालांकि, उनकी यह कवायद एडिट हिस्ट्री नहीं मिटा सकी और उसमें पुरानी पोस्ट अब भी दिख रही है।

इधर, कासगंज हिंसा के बाद अब राजनीतिक पार्टियों की बयानबाजी शुरू हो गई है जो माहौल बिगाड़ने का काम रही है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने विवादित बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान समर्थक लोगों ने चंदन की हत्या की है। उन्होंने कहा, ‘कासगंज में जो कुछ हुआ वह दुखद है। वहां पाकिस्तान परस्त लोग आ गए हैं, जो राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वे पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।’ वहीं केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि यह घटना बताती है कि राष्ट्रविरोधी तत्व तिरंगा यात्रा को बर्दाश्त नहीं कर सकते।

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