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इंडियन आवाज़     25 Jun 2018 02:15:38      انڈین آواز
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कलिंग-उत्कल रेल हादसा: 50 यात्रियों की मौत का अंदेशा

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AMN / मुजफ्फरनगर

सिस्टम और रेलवे की घोर लापरवाही के कारन मुजफ्फरनगर के खतौली में शनिवार शाम कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस भीषण हादसे का शिकार हो गई।

पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन की कई बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं और कई पटरी से उतरी गईं। चश्मदीदों ने हादसे में 50 से अधिक लोगों की मौत की बात कही है, हालांकि आधिकारिक रूप से २३ मौतों की र्पुष्टि हुई है. १०० से अधिक लोग घायल हुए हैं। रेलवे लाइन के पास बने कुछ मकान भी बोगियों की चपेट में आए हैं। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने देर रात घटनास्थल पर खतौली पहुंचे और मुआवजे का ऐलान किया।

केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस हादसे में मरने वाले यात्रियों के परिवारवालों को 3.5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वाले यात्रियों के परिवार को दो लाख रुपये और घायलों के परिवार को 50 हजार रुपये का मुआवजा राशि देने की घोषणा की है। जानकारी मिलते ही केन्‍द्रीय राज्‍यमंत्री संजीव बालियान डीएम, एसएसपी के साथ मौके पर पहुंच गए हैं।

ट्रेन की तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं और 10 डिब्बे डिरेल हो गए हैं। हादसा 5:50 बजे खतौली की जगत कालोनी में हुआ। ट्रेन कुछ ही देर पहले खतौली स्टेशन से आगे को रवाना हुई थी। अचानक तेज आवाज के साथ बोगियां एक दूसरे पर चढ़ गईं और कई डिरेल हो गईं। चीख-पुकार मच गई। हादसा होते ही आसपास रहने वाले लोग मदद में दौड़ पड़े। मुजफ्फरनगर के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी राहत टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर बचाव में जुट गए। केन्द्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान भी वहां आ गए।

ट्रैक पर दो दिनों से सिग्नलिंग का काम चल रहा है। शनिवार को उत्कल के ड्राइवर को कॉशन नहीं मिला। नतीजतन ढीली कपलिंग वाली पटरी पर ट्रेन 105 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरी और बेपटरी हो गई। जानमाल की भारी क्षति के बावजूद रेल अधिकारी लीपापोती में जुटे रहे। पुलिस-प्रशासन, एनडीआरएफ की टीम के साथ सेना राहत और बचाव में जुटी है।

एस 2, एस 3, एस 4 कोच को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। एस 2 और एस 4 मकान और इंटर कालेज में घुसे हैं। पैंट्री कार से अभी तक किसी को नहीं निकाला जा सका है। तीन एसी कोच भी काफी क्षतिग्रस्त हुए हैं। घायलों को मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल और मेरठ मेडिकल कालेज भेजा गया है। रेलवे की राहत टीम और मेडिकल वैन मौके पर हैं। बचाव में आसपास के ग्रामीण भी जुटे हुए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल हादसे पर गहरा दुःख प्रकट किया और घायल यात्रियों का समुचित इलाज कराए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हादसा पाड़ितों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। रेलमंत्री सुरेश मंत्री ने ट्‍वीट कर कहा कि ‍अधिकारियों को दुर्घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है और वे पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।

चालक को नहीं मिला कॉशन?

खतौली रेलवे स्टेशन से आगे जहां हादसा हुआ वहां पटरी पर काम चल रहा था। कुछ प्लेटें कसी जा रही थीं। मौके पर पड़ी मशीनें व लाल कपड़ा काम होने का तस्दीक कर रहे हैं। काम के चलते यहां बहुत धीमी गति से ट्रेन गुजारने के आदेश थे, लेकिन सिग्नल गड़बड़ाने के कारण चालक को कॉशन की सूचना नहीं मिल पाई। इस कारण 100 किमी से ज्यादा की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन की वजह से पटरी उखड़कर कई मीटर दूर जा गिरी। साफ है कि पटरियों को जोडऩे वाली कपलिंग ढीली थी।

हादसे से दुख हुआ: पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्‍वीट कर मुुजफ्फरनगर रेल हादसे पर दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि रेलवे मामले पर निगरानी रख रही है। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
केंद्रीय मंत्री हादसास्थल पर पहुंचे

केंद्रीय राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद डा. संजीव बालियान भी मौके पर पहुंच गए हैं। पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता घायलों का उपचार कराना है। इसके बाद घटना की वजह की जांच कराई जाएगी।

केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। कुछ ही देर में वे पहुंचने वाले हैं।

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