FreeCurrencyRates.com

इंडियन आवाज़     19 Jul 2018 09:06:50      انڈین آواز
Ad

उत्तर प्रदेश और बिहार उप-चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ

akhilesh-yogi

AMN
र्वोत्तर के तीनों राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में सरकार बनाने के बाद देश को ‘कांग्रेस मुक्त’ करने और अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हिंदी बेल्ट में जबरदस्त झटका लगा है।

हिंदी क्षेत्र के दो बड़े और सियासी रूप सेे अहम माने जाने वाले राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार में तीन लोकसभा सीट (गोरखपुर, फूलपुर और अररिया) पर हुए उप-चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है।

सबसे करारा झटका बीजेपी को यूपी में मिला है। गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को कुल 80 सीटों में से 71 सीटों पर जबकि इसकी अगुवाई वाले एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) को 73 सीटें मिली थीं।

कांग्रेस जहां महज दो सीटों पर सिमट कर रह गई वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अपना खाता भी नहीं खोल पाई। जबकि समाजवादी पार्टी को महज 5 सीटों पर जीत मिली।

लोकसभा चुनाव के बाद भी बीजेपी का ‘विजय रथ’ विधानसभा चुनाव में भी नहीं रुका और समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस के गठबंधन के बाद वह प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापस आई।

इसके बाद गोरखपुर के पूर्व सांसद योगी आदित्यानथ राज्य के मुख्यमंत्री बने और फूलपुर के पूर्व सांसद केशव प्रसाद मौर्य राज्य के उप-मुख्यमंत्री।

फिर इन दोनों सीटों पर उप-चुनाव की घोषणा हुई और करीब तीन दशक बाद समाजवादी पार्टी और बसपा ने हाथ मिलाया।

नतीजा दोनों सीटों पर बीजेपी की अप्रत्याशित हार।

गोरखपुर सीट पर जहां समाजवादी पार्टी और बसपा गठबंधन के उम्मीदवार प्रवीण कुमार निषाद ने बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र दत्त शुक्ला को भारी मतों से हराया वहीं फुलपूर लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने बीजेपी उम्मीदवार कौशलेंद्र सिंह पटेल करारी शिकस्त दी।

बता दें कि गोरखपुर लोकसभा सीट में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार प्रवीण कुमार निषाद 21,881 वोटों से जीते हैं। वहीं फूलपुर पर समाजवादी पार्टी के ही नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने 59,613 वोटों से जीत दर्ज की है।

वहीं बिहार के अररिया लोकसभा सीट में राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार ने 61,988 वोटों के अंतर से बीजेपी को हराया है।

भगवा दुर्ग में पहली बार SP-BSP ने लगाई सेंध

गोरखपुर योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र हैं और इसे एक तरह से बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है। मौजूदा नतीजों ने इस गढ़ में सेंध लगाने का काम किया है।

योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के लिए इन नतीजों को स्वीकार करना आसान नहीं होगा। देखा जाए तो दोनों सीटों पर मिली हार के सांकेतिक मायने सियासी जीत से कहीं अधिक अहम है।

फूलपुर जहां उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का क्षेत्र था, वहीं गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र है, जहां 90 के बाद से बीजेपी का कब्जा रहा है। योगी 1990 से लेकर 2017 तक इस सीट से सांसद रहें।
इस सीट पर मुख्य रूप से लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी के बीच होती रही है। पहली लोकसभा, तीसरी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं लोकसभा चुनाव के दौरान इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।

लेकिन नौंवें लोकसभा चुनाव के दौरान इस सीट पर हिंदू महासभा ने कब्जा किया और फिर उसके बाद दसवीं लोकसभा से लेकर 16वीं लोकसभा तक इस सीट पर योगी का कब्जा रहा।

2018 में पहली बार इस सीट पर सपा-बसपा ने बीजेपी को सीधी टक्कर में गोरखपुर से बेदखल कर दिया।

बिहार में आरजेडी ने बचाई सीट, भारी पड़े तेजस्वी

वहीं बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अररिया लोकसभा सीट को बचाने में सफल रही है। महागठबंधन टूटने और लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाले में सजा होने के बाद हुए यह उप-चुनाव उनके बेटे तेजस्वी यादव के लिए परीक्षा की तरह था, जिसमें वह पास होने में सफल रहे हैं।

गौरतलब है कि 2015 का विधानसभा चुनाव जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन ने साथ में लड़ा था और तब अररिया सीट आरजेडी के खाते में गई थी और पार्टी ने तस्लीमुद्दीन को टिकट दिया था।

वहीं बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए ने यह सीट राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को दी, लेकिन चुनाव में आरजेडी विजयी हुई।

तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद आरजेडी ने उनके बेटे सरफराज आलम को टिकट दिया जबकि बीजेपी ने प्रदीप कुमार सिंह अपना उम्मीदवार बनाया।

इस सीट पर बीजेपी और आरजेडी के बीच सीधी टक्कर थी, जिसमें आरजेडी कामयाब रही है। अररिया सीट के नतीजों ने बीजेपी और जेडीयू गठबंधन को भी झटका दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
Ad
Ad

MARQUEE

SC slams Centre for ‘lethargy’ over upkeep of Taj Mahal

AMN / NEW DELHI The Supreme Court today criticised the Central Government and its authorities for their, wh ...

India, Nepal to jointly promote tourism

AMN / KATHMANDU India and Nepal have decided to promote tourism jointly. This was decided at the 2nd meeting ...

@Powered By: Logicsart