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इंडियन आवाज़     23 Oct 2018 09:47:18      انڈین آواز
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आधार मोबाइल-बैंक खाते के लिए जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

SC: – सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला- आधार की संवैधानिकता कुछ बदलावों के साथ बरकरार

-आधार मोबाइल-बैंक खाते के लिए जरूरी नहीं

 CBSE, NEET, UGC अगर आधार को जरूरी बनाते हैं तो ये गलत है वो ऐसा नहीं कर सकते हैं.

कोर्ट ने कहा कि मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जोड़ना आधार कार्ड होना गैर संवैधानिक है. कोर्ट ने स्कूलों में आधार की अनिवार्यता खत्म कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार कार्ड जरूरी है,

कोर्ट ने कहा कि निजी कंपनियां अब आधार कार्ड नहीं मांग सकती हैं.

AADHAR

 

WEB DESK / NEW DELHI

नई दिल्ली :

सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता बरक़रार रखते हुए इस पर कई शर्तें भी लगा दी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से पैन को जोड़ने का फैसला बरकरार रहेगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि बैंक खाते से आधार को जोड़ना अब जरूरी नहीं. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के एस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं. दरअसल, केंद्र ने आधार योजना का बचाव किया था कि जिनके पास आधार नहीं है उन्हें किसी भी लाभ से बाहर नहीं रखा जाएगा. आधार सुरक्षा के उल्लंघन के आरोपों पर केंद्र ने कहा कि डेटा सुरक्षित है और इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता. केंद्र ने यह भी तर्क दिया कि आधार समाज के कमजोर और हाशिए वाले वर्गों के अधिकारों की रक्षा करता है और उन्हें बिचौलियों के बिना लाभ मिलते हैं और आधार ने सरकार के राजकोष में 55000 करोड़ रुपये बचाए हैं.
– सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला- आधार की संवैधानिकता कुछ बदलावों के साथ बरकरार.

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से पैन कार्ड को जोड़ने का फैसला बरकरार रहेगा.

– आधार से निजता के हनन के सबूत नहीं मिले- सुप्रीम कोर्ट

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में आधार जरूरी नहीं.

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार से बड़े वर्ग को फायदा.

– यूजीसी और निफ्ट जैसी संस्थाएं आधार नहीं मांग सकती- सुप्रीम कोर्ट

– कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट पार्टी भी डेटा नहीं देख सकती है.

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार के पीछे तार्किक सोच. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑथेंटिकेशन डाटा सिर्फ 6 महीने तक ही रखा जा सकता है. कम से कम डेटा होना चाहिए.

– आधार की अनिवार्यता पर फैसला पढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बायोमीट्रिक डेटा की नकल नहीं की जा सकती.

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई मोबाइल और निजी कंपनी आधार नहीं मांग सकती

38 सुनवाई हुई सुप्रीम कोर्ट में. 17 जनवरी से शुरु हुई थी आधार की सुनवाई. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अशोक भूषण की संविधान पीठ ने की थी सुनवाई. आधार पर फैसला आने तक सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के अलावा बाकी सभी केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में आधार की अनिवार्यता पर रोक लगाई गई है। इनमें मोबाइल सिम व बैंक खाते भी शामिल हैं. AG के के वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे बडी सुनवाई है इससे पहले 1973 में मौलिक अधिकारों को लेकर केशवानंद भारती केस की सुनवाई करीब पांच महीने चली थी.

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