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इंडियन आवाज़     22 Sep 2018 07:04:05      انڈین آواز
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अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 70 हजार करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है केंद्र सरकार

jaitely

अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार जल्द 70 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है। सरकार मार्च, 2018 तक विभिन्न क्षेत्रों को उबारने के लिए यह कोष खर्च कर सकती है। इससे सरकार के लिए राजकोषिय घाटे का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं होगा।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों की माने तो आर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। इसके लिए दिया जाने वाला राहत पैकेज राजकोषिय घाटे को 0.5 फीसदी तक बढ़ा सकता है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बुधवार को अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जल्द कदम उठाने के संकेत दिए थे। जेटली ने कहा था कि सरकार इस मामले में अतिरिक्त कदम उठाने पर विचार कर रही है, जिसके बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मशविरा करने के बाद घोषणा की जाएगी। बता दें कि देश के आर्थिक विकास की रफ्तार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में तीन साल के निचले स्तर 5.7% पर आ गयी। इस स्थिति पर वित्त मंत्री जेटली मंत्रालय के सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपाय और उपचार पर पिछले कुछ दिनों में कई मुलाकातें कर चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर करने के लिए क्षेत्रों के आधार पर उठाए जाने वाले कदम और एक्शन प्लान तैयार कर रही है। इसे लेकर विभिन्न मंत्रालयों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों में विमर्श किया गया है। सूत्र बताते हैं कि 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज इन क्षेत्रों में तेजी लाने के लिए घोषित किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह पैकेज विभिन्न स्तरों पर चर्चा के बाद रखा गया है। सरकार द्वारा अतिरिक्त खर्च उठाने की नौबत जून की तिमाही में जीडीपी वृद्धि घटकर तीन साल निचले स्तर 5.7 फीसदी पर आने के मद्देनजर आई है। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में भी गिरावट दर्ज की गई जो नोटबंदी और जीएसटी लागू किए जाने के मिले-जुले प्रभाव का असर बताया जा रहा है। वित्त मंत्री जेटली ने इस पर कहा था कि हम यथोचित कदम उठा रहे हैं और सुधार के एजेंडे पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। हमने सामने आ रहे सभी संकेतकों का जायजा लिया है। पिछले दो दिनों में अपने सहयोगियों, सचिवों और सरकार में शामिल विशेषज्ञों से कई बार बातचीत की है।

गौरतलब है कि जेटली ने मंगलवार को देर शाम अर्थव्यवस्था को गति देने के मुद्दे पर दो घंटे की समीक्षा बैठक की थी, जिसमें वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, रेल मंत्री पीयूष गोयल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार भी शामिल थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके मिश्रा, वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया, मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन और वित्त मंत्रालय के सचिवों ने भी बैठक में भाग लिया।

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